जब कांग्रेस कार्यकर्ता की ओछी हरकत पर आग बबूला हो गई थीं प्रियंका गांधी, जानें क्या था मामला

बीते साल अप्रैल महीने में उत्तर प्रदेश के उन्नाव और जम्मू-कश्मीर के कठुआ दुष्कर्मकांड के विरोध में कांग्रेस ने मान सिंह रोड से इंडिया गेट तक कैंडल मार्च निकाला था। इस दौरान भारी भीड़ में प्रियंका गांधी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। मार्च के दौरान उनसे धक्का मुक्की भी हुई थी, जबकि उनके साथ सभी कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। इसके बाद प्रियंका गांधी ने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को जमकर खरीखोटी सुनाई थी। कैंडल मार्च पे जाने वाले लोग तो सिर्फ मजे के लिए गए थे ! जब आप पैसे देकर लोगो को बुलाते है तो उन्हें ये फ़र्क़ नहीं पड़ता की आप कौन है उनका अपने शराब का बंदोबस्त तो हो चूका है ! क्या फ़र्क़ पड़ता है की वो कैंडल मार्च पे गए है या किसी के लिए न्याय मांगने!

कैंडल मार्च के दौरान प्रियंका को चारों तरफ से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने घेर लिया था। ऐसे में भीड़ के कारण वो बाहर नहीं निकल पा रहीं थीं। इस दौरान प्रियंका के साथ धक्का-मुक्की भी होने लगी, जिससे वह काफी डर गई थीं। प्रियंका के डर का आलम यह था कि उन्‍हें भीड़ से बाहर निकलने के लिए लोगों को कोहनी भी मारनी पड़ी थी। काफी मशक्‍कत के बाद वह भीड़ से बाहर निकल पाईं। भीड़ से बाहर आने के बाद उनके चेहरे पर डर साफ झलक रहा था।

दरअसल, कैंडल मार्च के दौरान उनकी बेटी भी भीड़ में फंस गईं थी और डरकर रोने लग गई थी। इसके बाद प्रियंका बैरीकेड को धक्का देते हुए आगे बढ़ीं और अपनी बेटी को चुप कराकर गले लगाया और भीड़ से बाहर निकल गईं। इस घटना से प्रियंका गांधी काफी आहत हुई थीं। प्रियंका ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर आग-बबूला होते हुए कहा कि ‘आप खुद से पूछिए आप यहां क्या करने आए हैं और क्या कर रहे हैं’। उन्होंने कहा कि ‘जिसे धक्का मारना है वो घर चला जाए, नहीं तो शांति के साथ आगे आएं’। प्रियंका ही नहीं, राहुल गांधी को भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा था। इसके बाद एसपीजी ने राहुल को कुछ देर के लिए गाड़ी में बैठा लिया।

गौरतलब है कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुआई में निकाले गए कैंडल मार्च में प्रियंका वाड्रा, राबर्ट वाड्रा, उनकी बेटी के साथ अहमद पटेल, दिग्विजय सिंह, सलमान खुर्शीद, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन, रणदीप सिंह सुरजेवाला, अशोक गहलोत, अंबिका सोनी सहित कई कांग्रेस नेता शामिल हुए थे। पर इन्हे इस बात से फ़र्क़ नहीं पड़ता क्योकि इन्हे भी पता है की वो भाड़े के टट्टू थे जो सिर्फ अपने शराब के प्रबंध में आये थे

फिलहाल मर रहे हालत जैसी कांग्रेस की मोदी के सामने जिन्दा करने की ये आखिरी कोशिश है अब देखना है प्रियंका बाड्रा कांग्रेस को जिन्दा रख पाती है या नहीं !

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