शरीर में होने वाली इन 7 हलचलों को हल्के में न लें, ब्लॉकेज हो सकता है

लोगों के बीच एक आम धारणा है कि ब्लॉक्ड आर्टरीज केवल बुजुर्ग लोगों की समस्या है। लेकिन ऐसा नहीं हैं। अब कई मामलों में जब कोई व्यक्ति 20 की उम्र तक पहुंचता हैं, तब तक धमनियों के भीतर क्लॉग पहले से मौजूद होते हैं। इसीलिए बहुत देर हो चुकी होती है, जब तक कि इस बीमारी से प्रभावित बहुत सारे लोग समझ नहीं पाते हैं कि क्या हो रहा है। संकेतों को जानना और सतर्क रहना बहुत महत्वपूर्ण है ताकि आप समय में डॉक्टर से मिल सकें।

  1. चलने-फिरने जैसी गतिविधियों के दौरान पैर दर्द होना क्लॉग्ड धमनियों का संकेत हो सकता है। इसका मतलब है कि आपके अंगों को पर्याप्त रक्त प्रवाह नहीं मिल रहा है। लक्षणों में मांसपेशियों में दर्द या पैरों या हाथ में ऐंठन दिखाई दे सकते हैं। दर्द का स्थान उस पर निर्भर करता है जहां थक्का या संकुचित धमनी स्थित है।
  2. सीने में दर्द हृदय में कम रक्त प्रवाह का परिणाम है। इसे जकड़न, सुन्नता, भारीपन, दबाव या जलन के रूप में महसूस किया जा सकता है। आराम करते समय लोग आमतौर पर इस लक्षण का अनुभव नहीं करते हैं क्योंकि यह फिजिकल या इमोशनल एग्जरशन से शुरू होता है। ह्रदय मांसपेशियों में कम रक्त प्रवाह के कारण होने वाले छाती के दर्द के लिए ‘एनजाइना’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। एनजाइना को आमतौर पर आपकी छाती में दबाव, भारीपन, जकड़न या दर्द के रूप में वर्णित किया जाता है। कुछ मामलों में, क्लॉग इतना खराब हो सकता है कि एनजाइना संकेत दे सकती है कि किसी व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ रहा है।
  3. कैरोटिड धमनियां हमारी आंखों और मस्तिष्क को आपूर्ति करती हैं। यदि ये धमनियां अवरुद्ध हो जाती हैं, तो इसका परिणाम अस्थायी रूप से दृष्टि खो देना या एक आंख से धुंधला दिखाई देना होता है। पूरा ब्लॉकेज होने पर स्ट्रोक हो सकता है। इसलिए इस संकेत के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है।
  4. पीठ के निचले हिस्से में दर्द एक गंभीर संकेत है जिसे आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जब पीठ के निचले हिस्से में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है, तो कशेरुक के बीच की डिस्क नाजुक हो जाती है। इससे पिंच्ड नसों और रक्त वाहिकाओं के परिणामस्वरूप दर्द महसूस होता हैं। यह आमतौर पर क्लॉग्ड धमनियों वाले लोगों में पहला लक्षण है। एक अध्ययन के अनुसार, 20 साल के होने पर विकसित देशों में 10% लोगों को पहले से ही उनके पेट की महाधमनी में एडवांस ब्लॉकेज हो जाता है।
  5. यह लक्षण तब विकसित होता है जब कोरोनरी धमनियां क्षतिग्रस्त या रोगग्रस्त हो जाती हैं। लोग इसका अनुभव करते हैं क्योंकि उनका दिल अपने शरीर की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त रक्त पंप करने में सक्षम नहीं है। यह शोध बताता है कि लोग अक्सर सांस की तकलीफ को गंभीर समस्या नहीं मानते हैं। लेकिन कभी-कभी यह गंभीर कोरोनरी धमनी रोग की उपस्थिति का एकमात्र संकेत हो सकता है जिसे उपचार की आवश्यकता हो सकती है।
  6. पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (PAD) के कारण नसों में रक्त प्रवाह कम हो सकता है। यह समस्या तब होती है जब संकुचित धमनियां अंगों तक रक्त के प्रवाह को कम कर देती हैं। घाव के घाव भरने या पैरों में एक कमजोर नाड़ी भी संकेत है जिसे डॉक्टर से जांच कराने की जरूरत है। इसके अलावा, पीएडी की उपस्थिति यह संकेत दे सकती है कि शरीर में अधिक व्यापक धमनी रोग है जो मस्तिष्क या हृदय को प्रभावित कर सकता है जिससे स्ट्रोक या दिल का दौरा पड़ सकता है।
  7. कोरोनरी आर्टरी के संकेत के रूप में थकान भले ही ज्यादा आम न हो लेकिन ऐसा हो सकता है। ये लक्षण खराब रक्त प्रवाह से ऑक्सीजन के कम स्तर के परिणामस्वरूप विकसित हो सकते हैं।

ये कारण बढ़ाते हैं क्लॉग्ड आर्टरीज का रिस्क

  • अनहेल्दी ब्लड कोलेस्ट्रॉल लेवल्स का होना। बेड कोलेस्ट्रॉल के उच्च स्तर और गुज कोलेस्ट्रॉल के निम्न स्तर को बताता है।
  • हाई ब्लड प्रेशर होना। ब्लड प्रेशर 140/90 mmHg से अधिक नहीं होना चाहिए।
  • स्मोकिंग रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ाता है और रक्तचाप बढ़ाता है। इसके अलावा, यह शरीर के ऊतकों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंचने देता है।
  • अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त होना। 25 और 29.9 के बीच बॉडी मास इंडेक्स को अधिक वजन माना जाता है। हायर इंडेक्स का मतलब है कि व्यक्ति मोटा है।

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