आयुर्वेदिक तरीके से पायरिया का सफल इलाज

मुंह की दुर्गन्ध, मसुडो में सुजन, दातो से खून आना ये पायरिया (Pyria) के आम लक्षण हैं | यह रोग दातों को गंदा रखने, अधिक मीठा खाना, विटामिन सी की कमी, और पेट संबंधी रोगों की वज़ह से भी होती है | पायरिया दातों में रहने वाले एक प्रकार के प्रोटोजोआ से होता है। कहते हैं कि एक बार पायरिया हो जावे तो जिदंगी भर ठीक नहीं होता ।

1.चुटकी भर सादा नमक चुटकी भर हल्दी में चार पांच बुंद सरसों का तेल मिला कर उंगली से दांतों पर लगाकर 20 मिनट तक रखें लार आवे तो थुकते रहें लिजिये सर पायरिया एक ही दिन में ठीक हो जावेगा तथा ज्यादा ही पुराना है तो 3 दिन लगेगें व रोज करेंगें तो जिदंगी भर वापस नहीं होगा।

असल में इस सिंदात में 20 मिनट रूकने का ही चम्तकार है इसकी वजह है कि हमारे घरेलु नमक में किटाणुनाशक शक्ति है असल में नमक किटाणुओं के शरीर से पानी खेंच लेता है जिससे वो मर जाते हैं
इसमें हल्दी पायरिया से मुहं में हुवे घावो को हील करती है तथा सरसों का तेल दांतों की परत पर नमक के अणुओं की रगड़ लगने से बचाता है तथा ज्यादा जोर से रगड़ना भी नहीं है केवल हल्के हाथ से लगाकर 20 मिनट बैठना है मुंह में थुक आवे तो थुक सकते हैं परन्तु थुकने पर थोड़ा मिश्रण वापस जरूर लगावें.

थोड़ा सा कपूर का टुकडा पान में डालकर उसे चबा कर थूक दें एैसा करने से पायरिया रोग में लाभ मिलता है लेकिन इस बात का ध्यान रखें की पान पेट में न जाए।

2 नींबू के रस को शहद में मिलाकर मसूड़ो पर मलने से पायरिया में लाभ मिलता है।पानी में नींबू का रस निचोड़कर उससे कुल्ला करने से भी पायरिया से छुटकारा मिलता है।

3.कपूर को देसी घी में अच्छी तरह से मिला लीजिये और इस पेस्ट से दातों पर अच्छी तरह से मलने से पायरिया से राहत मिलती है ।
4.सेंधा नमक को सरसों के तेल में डालकर मंजन करने से पायरिया ठीक होता है।

5 नीम के पत्तो को अच्छी तरह धूप में सूखा ले फिर उसमे सेंधा नमक डाल के उसका महीन चूर्ण बना ले | और हलके से ऊँगलीओ से ब्रश के पश्चात दातो और मसुडो पे घिसे उसके बाद कुल्ल्ला करे यह उपचार पायरिया रोग से बचाने में सहायक होगा ।

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