इस गांव में 500 रुपये देकर पत्नी किराए पर मिल जाती है

दो साल पहले की बात है. मध्य प्रदेश में एक गांव है शिवपुरी. उस गांव से कुछ दूर विनय* नाम का एक आदमी रहता है. काफ़ी खानदानी जायदाद है उसके पास. बड़े-बड़े खेत भी हैं. घर में सबसे बड़ा था इसलिए ज़िम्मेदारी भी ज़्यादा थी. शादी करने का वक़्त और मौका ही नहीं मिल पाया. जब 40 पार कर लिया तो बीवी की कमी खलने लगी. पर उम्र निकलने की वजह से कोई भी अपनी बेटी देने के लिए तैयार नहीं था. एक दिन कुछ दोस्तों ने उसे धड़ीचा प्रथा के बारे में बताया. शिवपुरी गांव के रहने वाले इस प्रथा को बड़ा मानते हैं.

इस प्रथा के बारे में सुनकर विनय शिवपुरी पहुंच गया. वहां के बड़े-बुज़ुर्ग से मिला. उन्होंने उस गांव की एक लड़की को विनय से मिलवाया. एक रकम तय की गई. बात पक्की हो गई. विनय और बाकी कुछ लोगों ने एक 10 रूपये के स्टैंप पेपर पर दस्तख़त किए. उसके बाद वो लड़की विनय को सौंप दी गई.

नहीं, दोनों की शादी नहीं कराई गई. धड़ीचा प्रथा के तहत शादी नहीं होती. इस प्रथा के मुताबिक, अमीर आदमी इस गांव की औरतों को किराय पर ले सकते हैं. बतौर बीवी. पर ये बंधन ज़िन्दगी भर का नहीं होता. ये सौदा महीने या साल के हिसाब से होता है. कुछ रकम तय की जाती है जो आदमी को देनी होती है. इसके बाद ये तय होता है कि सौदा कब तक चलेगा. वक़्त तय हो जाने के बाद औरत को आदमी के हवाले कर दिया जाता है.

उस औरत को तय समय के लिए बीवियों वाली सारी ज़िम्मेदारियां निभानी होती हैं. जब सौदे की अवधि खत्म हो जाती है तो ये आदमी के ऊपर है कि वो क्या चाहता है. वो चाहे तो सौदे की अवधि पैसे देकर बढ़ा सकता है. या फिर उस औरत को वापस करके किसी और के साथ रह सकता है.

ये प्रथा सिर्फ़ शिवपुरी गांव तक सिमित नहीं है. ऐसा गुजरात में भी होता है. ये कोई कहने वाली बात नहीं है कि धड़ीचा प्रथा अपने आप में बहुत अजीब है. पर ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कई गांवों में लड़कियों की बहुत कमी है. लोग पैदा होती ही लड़की को मार देते हैं. कुछ तो गर्भ में ही उसे ख़त्म कर देते हैं. इस वजह से लड़कियों की तादाद बहुत कम हो गई है. लड़कों से शादी करने के लिए लड़कियां बची ही नहीं हैं. इसका फ़ायदा उठाते हुए लोग अपने घर की लड़कियां भाड़े पर दे देते हैं. इससे उनकी अच्छी-ख़ासी कमाई भी हो जाती है.

एक अंग्रेजी न्यूज़ वेबसाइट के मुताबिक, गुजरात में एक किसान है. उसका नाम है अट्टा प्रजापति. उसने अपनी बीवी को एक अमीर ज़मींदार को किराए पर दे रखा है. महीने का उसे 8000 मिलता है. ख़बरों की माने तो लोगों ने इस प्रथा को एक धंधा बना लिया है. गुजरात और मध्य प्रदेश में कई जगह लोग अपने घर की औरतों को किराय पर देते हैं. और उनकी रकम 500 से 50,000 तक की लगाई जाती है.

अजीब बात है न? और खतरनाक भी. मगर औरत को जबतक वस्तु समझा जाएगा, उसे मारा भी जाएगा और किराए पर उठाया भी जाता रहेगा.

Source: Oddnaari

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