युद्ध हुआ तो चीन की कंपनी पर कब्ज़ा कर लेगा भारत ..सदमे में चीन

चीन ने अब अपना माथा पकड़ लिया है मोदी के एक दाव से चीन का सबकुछ भारत का हो सकता है . 49 साल पुराने एनमी प्रॉपर्टी (अमेंडमेंट ऐंड वैलिडेशन) ऐक्ट में संशोधन के बाद भारत सरकार उन लोगों की 9,400 से ज्यादा संपत्तियां नीलाम करने जा रही है। केंद्र सरकार के इस कदम से चीन घबराया हुआ है। दरअसल, पिछले कुछ सालों में भारत में चीनी निवेश में काफी तेजी आई है। ऐसे में चीन को डर लग रहा है कि युद्ध की स्थिति में भारत कहीं शाओमी और लेनेवो जैसी कंपनियों की संपत्तियों पर भी कब्जा न कर ले।

पिछले साल डोकलाम में चीन की ओर से सड़क निर्माण को लेकर भारत के साथ लंबे वक्त तक तनाव बना रहा। यहां दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने खड़े रहे। हालांकि, बाद में विवाद सुलझा तो लिया गया, लेकिन विभिन्न मुद्दों पर दोनों देशों के बीच रिश्तों में तनाव कायम है।

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के एक लेख में कहा गया है, ‘अगर चीन और भारत सैन्य संघर्ष में उलझते हैं तो भारत में कारोबार कर रही चीनी कंपनियों पर भारत सरकार कब्जा कर सकती है।’ लेख में कहा गया है कि पीएम मोदी के आर्थिक सुधारों से भारत निवेश के लिहाज से आकर्षक बन गया है, लेकिन शत्रु संपत्ति कानून में संशोधन से चीनी निवेशकों में डर की भावना पनप सकती है।

आर्टिकल कहता है, ‘…अगर शत्रु संपत्ति कानून चीनी निवेशकों में डर पैदा करता है और खुद को निवेश का आकर्षक स्थल बनाने के भारत के प्रयासों में बाधा उत्पन्न होती है तो दूसरी कोशिशें भी बेकार साबित होंगी। निवेशकों का भरोसा दोबारा जीतने के लिए भारत को कानूनी सुधार की जरूरत है। चीन की नागरिकता लेनेवाले लोगों की भारत में छूट गई संपत्ति को जब्त करने को लोग बहुत आराम से चीन के खिलाफ भारत की शत्रुतापूर्ण कार्रवाई मानेंगे। इससे भारत को मिलनेवाले चीनी निवेश को नुकसान पहुंचेगा।’

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