कोवीशील्ड क्या है? किन लोगों को कोवीशील्ड वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए?

कोविड-19 क्या है?
कोविड-19 एक रोग है, जो Sars-Cov2 नामक कोरोनावायरस से होता है। यह नया कोरोनावायरस है, जिसे पहले नहीं देखा गया था। आप कोरोनावायरस से पीड़ित किसी व्यक्ति के संपर्क में आते हैं तो यह आपको भी हो सकता है। मुख्य रूप से यह श्वसन प्रणाली से जुड़ा रोग है, जो अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। वायरस के संपर्क में आने के 2 से 14 दिन के भीतर सामान्य से गंभीर लक्षण नजर आते हैं। इनमें शामिल हैं- बुखार या कंपकंपी, खांसी, सांस फूलना, थकान, मांसपेशियों या शरीर में दर्द, सिरदर्द, स्वाद और गंध महसूस न होना, गले में खराश, बंद नाक या बहती नाक, उल्टी-मतली, दस्त।

कोवीशील्ड क्या है? (What is COVIShield)

यह कोरोनावायरस को रोकने के लिए बनी एक वैक्सीन है, जिसे भारत में ड्रग रेगुलेटर ने 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को लगाने की सीमित मंजूरी दी है।

कोवीशील्ड का वैक्सीन लगवाने से पहले डॉक्टर को क्या बताना जरूरी है?

कोवीशील्ड वैक्सीन लगवाने से पहले आपको डॉक्टर से परामर्श लेना होगा। आपको डॉक्टर को इन सवालों के जवाब देने होंगे-
1. क्या आपको किसी दवा, फूड, किसी वैक्सीन या कोवीशील्ड वैक्सीन में शामिल किसी कम्पोनेंट से एलर्जी है?
2. क्या आपको बुखार है?
3. क्या आपको खून बहने से जुड़ा कोई डिसऑर्डर है या आप खून पतला करने की दवा ले रहे हैं?
4. क्या आप ऐसी कोई दवा ले रहे हैं, जो आपके इम्यून सिस्टम को प्रभावित करती है?
5. क्या आप गर्भवती हैं?
6. क्या आप बच्चे को स्तनपान करा रही हैं?
7. क्या आपको इससे पहले कोई कोरोना वैक्सीन लगी है?

किन लोगों को कोवीशील्ड वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए?
दो स्थितियों में आपको कोवीशील्ड वैक्सीन नहीं लगवानी है।
1. अगर आपको इस वैक्सीन के पहले डोज से कोई एलर्जिक रिएक्शन हुआ है।
2. अगर आपको इस वैक्सीन में इस्तेमाल किसी सामग्री से पहले कोई गंभीर एलर्जी हुई है।

कोवीशील्ड वैक्सीन में किस सामग्री का इस्तेमाल किया गया है? (Material uses in COVIshield Vaccine)
हो सकता है कि आपमें से किसी को इनमें से किसी सामग्री से किसी तरह की एलर्जी पहले हो, इसलिए इसके बारे में जानना जरूरी है। इस वैक्सीन में शामिल है- एल-हिस्टिडिन, एल-हिस्टिडिन हाइड्रोक्लोराइड मोनोहाइड्रेट, मैग्नेशियम क्लोराइड हेक्जाहाइड्रेट, पॉलिसॉर्बेट 80, इथेनॉल, सुक्रोज, सोडियम क्लोराइड, डाइसोडियम एडिटेट डाइहाइड्रेट (EDTA), इंजेक्शन के लिए पानी।

कोवीशील्ड वैक्सीन कैसे दी जाती है?
कोवीशील्ड वैक्सीन केवल मांसपेशीय इंजेक्शन (इंट्रामस्कुलर) के रूप में दी जाएगी। डेल्टॉइड नामक मांसपेशी में। इस वैक्सीन के कोर्स में 0.5 मिली के दो डोज हैं।

पहला डोज लगने के बाद दूसरा डोज कब लेना ठीक रहेगा?
अगर आप पहला डोज ले चुके हैं तो दूसरे डोज में 4 से 6 हफ्ते का अंतर रखना चाहिए। पर विदेश में हुई स्टडी के आंकड़े बताते हैं कि डोज में 12 हफ्ते का अंतर रख सकते हैं।

अगर आप दूसरा डोज लेना भूल जाते हैं तो क्या होगा?
अगर आप सही समय पर दूसरा डोज नहीं लेते और भूल जाते हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह लें। जरूरी है कि आप दूसरा डोज लेने जाएं।

क्या कोवीशील्ड वैक्सीन का इस्तेमाल पहले किसी पर किया गया है?
हां। कोवीशील्ड का इंसानों पर बड़े पैमाने पर ट्रायल हुआ है। विदेश और भारत में हुए ट्रायल्स में कई वॉलंटियर्स को कोवीशील्ड के एक या दो डोज दिए गए हैं।

कोवीशील्ड लगाने से क्या होगा?
क्लीनिकल ट्रायल्स में सामने आया है कि 4 से 12 हफ्तों के अंतर से दो डोज लेने पर कोरोना से बचा जा सकता है। यह सुरक्षा कितने दिन के लिए मिलेगी, इसके बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। कोवीशील्ड के दूसरे डोज के 4 हफ्ते बाद आपके शरीर में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी बनती है।

कोवीशील्ड वैक्सीन से जुड़े जोखिम क्या हैं?
कोवीशील्ड वैक्सीन के कुछ साइड इफेक्ट अब तक रिपोर्ट हुए हैं, वे इस तरह हैं-

1. सामान्य साइड इफेक्ट (10 में से 1 व्यक्ति में दिखे)

  • इंजेक्शन जहां लगा था वहां दर्द, गर्माहट, सूजन या घाव, लालिमा
  • तबीयत ठीक नहीं लगना
  • थकान महसूस होना (कमजोरी)
  • कंपकंपी या बुखार महसूस होना
  • सिरदर्द
  • जोड़ों में दर्द या मांसपेशियों में दर्द
  • इंजेक्शन लगने की जगह पर गांठ बनना
  • बुखार
  • फ्लू जैसे लक्षण- तेज बुखार, गले में खराश, बहती नाक, खांसी या कंपकंपी

यह लक्षण असामान्य हैं (100 में से 1 व्यक्ति को होते हैं)

  • चक्कर आना
  • भूख कम लगना
  • पेटदर्द
  • फूले हुए लिम्फ नोड्स
  • अत्यधिक पसीना आना, त्वचा में खुजली या चकत्ते

गंभीर और अप्रत्याशित दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। कोवीशील्ड वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल्स अब भी जारी हैं।

अगर कोई गंभीर लक्षण दिखता है तो क्या करें?
अगर आपको गंभीर एलर्जी है तो नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें। डॉक्टर से बात करें। सीरम इंस्टीट्यूट ने 24X7 कॉल सेंटर बनाया है, जहां साइड इफेक्ट्स पर बात कर सकते हैं- 1800 1200124

क्या होगा अगर मैं कोवीशील्ड वैक्सीन नहीं लेता?
यह आपकी मर्जी पर निर्भर करता है कि आप कोवीशील्ड वैक्सीन लगाना चाहते हैं या नहीं। आप इस संबंध में अपने डॉक्टर से परामर्श ले सकते हैं।

क्या कोवीशील्ड से कोरोना इंफेक्शन हो सकता है?
नहीं। कोवीशील्ड में कोरोनावायरस मौजूद नहीं है। इस वजह से इससे कोरोना इंफेक्शन नहीं हो सकता।

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