अंडमान के सेंटिनल द्वीप के आदिवासी कौन हैं? अमेरिकी चाऊ का मकसद आदिवासियों के बीच ईसाई धर्म का प्रचार करना मौत का कारण कैसे बना ?

सेंटेनल द्वीप पर रहने वाले आदिवासी कौन हैं?
अंडमान निकोबार द्वीप समूह इस वक्त सुर्खियों में है क्योंकि यहां के प्रतिबंधित जंगलों में पहुंचे एक अमेरिकी टूरिस्ट जॉन एलन चाऊ की वहां के आदिवासियों ने तीर मारकर हत्या कर दी। यह घटना अंडमान की राजधानी पोर्ट ब्लेयर से 50 किलोमीटर दूर स्थित प्रतिबंधित नॉर्थ सेंटिनल द्वीप में हुई। इस द्वीप पर रहने वाले आदिवासियों से किसी भी तरह का संपर्क बनाना मना है। आखिर कौन हैं सेंटिनल द्वीप पर रहने वाले ये आदिवासी,
अंडमान निकोबार के नॉर्थ सेंटिनल द्वीप में रहने वाले सेंटिनली आदिवासी एशिया के सबसे आखिरी अनछूए आदिवासी माने जाते हैं जो इस द्वीप पर पिछले करीब 60 हजार सालों से रह रहे हैं।
– ऐसा बताया जा रहा है कि बाहरी दुनिया से पूरी तरह से कटे सेंटिनल द्वीप पर रहने वाले इन आदिवासियों की संख्या 100 से भी कम है।
– हालांकि 2011 के सेंसस के मुताबिक इस द्वीप पर सिर्फ 10 घर हैं और यहां सिर्फ 15 लोग रहते हैं जिसमें से 12 पुरुष और 3 महिलाएं हैं।
– इस द्वीप के लोगों से किसी भी तरह का संपर्क बनाना अवैध है। इस द्वीप के लोगों पर मुकदमा भी नहीं चलाया जा सकता।
– वैसे तो इस द्वीप पर जाना गैर-कानूनी है लेकिन इसी साल अगस्त में सरकार ने नॉर्थ सेंटिनल द्वीप को उन 29 द्वीप समूहों से हटा दिया था जहां विदेशियों का पहले से ली गई अनुमति के बिना जाना मना है।
– साल 2004 में आई सुनामी के वक्त सरकार ने इंडियन कोस्ट गार्ड के हेलिकॉप्टर सेंटिनल द्वीप पर भेजे थे ताकि सेंटिनली आदिवासियों की सहायता की जा सके। लेकिन आदिवासियों ने मदद लेने की बजाए हेलिकॉप्टर पर ही तीर चलाना शुरू कर दिया था।
अंडमान के सेंटिनल द्वीप में मारे गए 27 साल के अमेरिकी नागरिक जॉन ऐलन चाऊ का मकसद इन अनजान आदिवासियों के बीच ईसाई धर्म का प्रचार करना था। चाऊ ने दो बार इस द्वीप पर पहुंचने की कोशिश की थी। 14 नवंबर को उनकी पहली कोशिश नाकाम रही थी। इसके बाद 16 नवंबर को वह पूरी तैयारी के साथ पहुंचे लेकिन कहा जा रहा है कि गुस्साए आदिवासियों ने उनको तीरों से मार डाला। चाऊ इससे पहले पांच बार अंडमान आ चुके थे।
27 साल के चाऊ का शव अभी तक बरामद नहीं हो सका है। अमेरिका के 27 वर्षीय जॉन ऐलन चाऊ सात मछुआरों के साथ बिना इजाजत एडवेंचर ट्रिप पर नॉर्थ सेंटिनल द्वीप गए थे। चाऊ सेंटिनेलीज जनजाति के लोगों के साथ मित्रता की कोशिश कर रहे थे। कहा जा रहा है कि उनके शव को रेत में ही गाड़ दिया गया है। पुलिस ने 6 मछुआरों और अंडमान निवासी के एस ऐलेक्जेंडर को चाऊ की मदद करने और नियम तोड़ने के लिए गिरफ्तार किया है।
धर्म प्रचार के इरादे से गया था सेंटिनल चाऊ!
बताया जा रहा है कि आदिवासी इतने गुस्से में थे कि उन्होंने शव लेने पहुंचे हेलिकॉप्टर को भी नहीं उतरने दिया। आदिवासी अपने यहां किसी भी घुसपैठ को हमले की तरह देखते हैं। यह भी कहा जा रहा है कि चाऊ का मकसद उस द्वीपीय इलाके के लोगों में ईसाई धर्म का प्रचार करना था। नवंबर की 14 तारीख को इनकी पहली कोशिश नाकाम रही, फिर वह 16 नवंबर को पूरी तैयारी के साथ पहुंचे। आखिर अमेरिकी ईसाई धर्म के प्रचार में इतने अंधे कैसे हो जाते है जो रिस्ट्रिक्टेड एरिया में भी घुसाने को तैयार है. इंडियन गवर्नमेंट पहले से ही इस एरिया में जाने से बैन किया हुआ है.

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