नूह – मुस्लिम समुदाय के लोगो ने वकील नवीन यादव का पहले सर फोड़ा, फिर मार डाला

हरियाणा के नूह में मोब लिंचिंग का मामला सामने आया है, वैसे मोब लिंचिंग को लेकर हमारे देश की मीडिया हमेशा हो हल्ला मचाती है परन्तु इस मामले पर मीडिया ने टोटल मौन धारण किया हुआ है

यहां के उदाका गांव में दो पक्षों के खूनी संघर्ष में समझौता करवाने वकील पर हुए कातिलाना हमले के बाद अब घायल वकील की बुधवार देर रात मौत हो गई। वकील ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में आखिरी सांस ली।

हरियाणा के नूह में हिन्दू समाज के एक वकील नवीन यादव की मुस्लिम समुदाय के लोगो ने मिलकर मोब लिंचिंग की

पहले नवीन यादव को पत्थरों से मारा और उनका सर फोड़ दिया, जब वो जान बचाने के लिए एक घर में छिपे तो फिर मुस्लिम समुदाय के लोगो ने उनको घसीटकर बाहर निकाला और फिर बल्ले और लाठी डंडो से पीट पीट कर मौत के घाट उतार दिया

ये था पूरा मामला
15 जुलाई को उदाका गांव में अख्तर और जमशेद के बच्चों के बीच झगड़ा हुआ था। 19 जुलाई को वकील नवीन यादव ने गांव उदाका के जमशेद व अख्तर के बीच में चल रहे विवाद को आपसी में मिल बैठकर राजीनामा करा दिया था। जब वकील शाम को अदालती से घर उदाका जा रहा था, तभी अख्तर की पत्नी व बेटी ने अपनी छत पर चढ़कर वकील नवीन यादव के ऊपर पत्थर व ईंटों से हमला बोल दिया। जिससे वकील को काफी चोटें आई। 

वकील ने भागकर अपने घर में घुसकर जान बचाई। लेकिन अख्तर के लड़के साजिद ने वकील को दोबारा घर से बाहर निकालकर बल्ले से पीटना शुरू कर दिया। जिससे वकील गंभीर रूप से घायल हो गया। वकील के परिजनों ने किसी तरह से बचाकर नवीन यादव को घायल अवस्था में मेदांत अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद वकीलों ने वर्क सस्पेंड भी रखा था। 

इस मामले में नवीन के चाचा कुंदन की शिकायत पर तीन महिलाओं समेत 7 नामजद पर केस दर्ज किया था। जिसमें अख्तर, जैकम, साजिद को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं आरोपी सरजीना, मकसूदन, रुकसार, शेकुल अभी फरार है। 

मीडिया और पूरी लिबरल सेक्युलर जमात ने इस घटना पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है जबकि ये कोई “फर्जी जय श्री राम न बोलने पर पीटाई” का नहीं बल्कि असली मोब लिंचिंग का मामला है

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